27. दयालु सामरी की कहानी
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एक दिवस , यहूदी व्यवस्था को एक खास यीशु को जवर आएव | ऊ सापाई झन ला वय देखावनों चाव्हत होतो की यीशु गलत तरीका लक शिक्षा देत होतो | एकोलाईक वन कहीस , “ अ गुरुजी , हमेशा को जीवन पावन लाईक मी का करू ? ” यीशु न जवाब देईस , “ परमेश्वर को व्यवस्था मा लिखी से ? ”
वन आदमी न कहीस , “ ऊ कसे की आपरो परमेश्वर ला आपरो पुरो मन लक , प्राण लक , सामर्थ लक , अखिन बुद्दि लक प्रेम राख़ | अखिन आपरो पड़ोसी सिन आपरो जसो प्रेम राख़ | ” यीशु न जवाब देईस , “ तू एकदम सही से ! अगर तू असो करजो , त तोला हमेशा को जीवन मिल जाए | ”
पर ऊ व्यावस्था को खास लोखहिन ला देखावनों चाव्हत होतो की ओकी जिंदगी जीवन को तरीका सही होतो | एकोलाईक वन यीशु सिन पूछिस , “ ठीक से , त मोरो पडीसी कोण से ? ”
यीशु न वन व्यवस्था को खास ला एक कहानी सागण को तरीका लक जवाब देईस | “ एक यहूदी आदमी होतो ऊ एक रोड लक होयसारि यारूशलेम लक यरीहो की यात्रा करत होतो | ”
पर काही डाकुहिन न ओला देखिन अखिन ओको पर धावा कर देईन | ऊन्न ओको को सफाई चीज ला धरलेईन अखिन ओला लगभग मरत वरी मार-पीट करिन | मंग वय चली गएया | ”
“ ओको बाद माच , एक यहूदी याजक वन रोड लक आयेव | वन याजक न वन आदमी ला रोड पर पडेव देखीस | जब वन ओला देखीस त ऊ रोड को दूसरों बाजू लक सामने चली गएव | वन ओला आदमी ला पुरो लक देख सारी अनदेखा करदेईस | ”
“ एको बाद मा थोड़ों समय जान को बाद मा , एक लेवी वन रोड पर आएव | ( लेवी यहूदीहिन को एक गोत्र होतो जोन मंदिर मा याजकहिन की मदत करिहोतीन | ) ऊ लेवी भी रोड को दूसरों बाजू लक निकल गएव | वन भी ओला आदमी ला देख सारी अनदेखा करदेईस | ”
“अगलो आदमी जो वन रोड पर आएव ऊ सामरीया को एक आदमी होतो | ( सामरी अखिन यहूदी एक दूसरों सिन नफरत करत होता | ) वन सामरी न रोड पर वन आदमी ला देखीस | वन देखीस की ऊ यहूदी होतो , पर तब भी वन ओको पर बड़ो तरस खाईस | अधिक ऊ ओको जवर गएव अखीन ओको घावहहीन पर पट्टी ला बांधिस | ”
“ मंग वन सामरी न वन आदमी ला आपरो गधा पर मंडाईस अखिन ओला वन रोड लक एक सराय मा लिजाईस | जहाँ पर वन ओकी देखभाल करणों सुरू राखीस | ”
दूसरों दिवस , वन सामरी ला आपरो यात्रा ला सुरू राखनों की जरूरत होती | वन ओला सराय का प्रभारी आदमी ला काई पैसा देइस | वन ओको सिन कहीस , “ एन आदमी की देखरेख करजो | अगर एन पैसाहि को अलावा तोरो जवर का काई अखिन पैसा लगे त वापसी मा मी तोरो लगेव पैसाहिन ला देएऊ | ”
मंग यीशु न वन व्यवस्था को खास आदमी सिन पूछिस , “ तुमी कायला सोचसेव ? एन तीन लोखईन मालक कौनसो वन आदमी को पड़ोसी भएव जोला लुटेव अखिन पिटेव गएव होतो ? वन जवाब देइस , “ ऊच जेन ओको पर कृपा करिहोतीस | ” यीशु न ओको सिन कहीस , “ तू जाय अखिन असोच कर | ”
लूका अध्याय 10:25-37 से एक बाइबल की कहानी
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