1. सृष्टि
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एन प्रकार लक परमेशवर न शुरवात मा सब चेलाहीन की सृष्टि करीसेस ! वन छः दिवस मा संसार की अखिन जेव काही ओकोमा से उन सब की सृष्टि करीसेस ! परमेशवर को दुवारा जागा की सृष्टि को बाद मा वहाँ इधारोपण अखिन खाली पडी होती , काहेकी आब वारी परमेशवर न ओको मा काई चीज बनाई नोवतीस! पर परमेशवर को आत्मा पानी को ऊपर मडरात होतो
मग परमेशवर न कहिस , उजाड़ो होय ! " तब उजाड़ो भय गयेव
सृष्टि करन को दूसरों दिवस मा परमेशवर न कहीस की, "पानी को ओरत्या एक अंतर होयजाए
तीसरों दिवस मा परमेश्वर न कहीस , " की पानी एक जागा मा होयजाए अखिन वारी जागा दिसान दे
मग परमेशवर न कहीस , " जमीन पर सब प्रकार का झाड झढुला वापेत
सृष्टि करन को चौथो दिवस मा परमेश्वर न कहीस की , " बादर मा तारा होए जाओ
पाँचओ दिवस परमेश्वर न कहीस की , “जिंदा प्राणी पानी ला भर देव अखिन बादर मा पक्षी उड़ेंत । " एन तरीका लक वन पानी मा तैरन वाला पूरा जीव जन्तुहिनला अखिन पक्षीहीनला बनाइस
सृष्टि करन को छठवो दिवस मा परमेश्वर न कहीस की , “जमीन पर रवन वाला पूराई तरीका का जनावर हौवो
मग परमेश्वर न कहीस की , “आओ मग अमी आदमीहिनला आपरो ज्सो अखिन आपरो समान बनावबिन
तब मग परमेश्वर न माटी ला धारकर आदमी ला बनाइस अखिन ओको मा जीवन को श्वांस ला फूँक देइस
वन बगीचा को बीच मा परमेश्वर न दुई खास झाड़ ल्गाइस- जीवन को झाड़ अखिन अछो अखिन गलत ज्ञान को झाड़
मंग परमेश्वर न कहीस , “आदमी को एकलों रवनो साजरों नहाए
एको लाइक परमेश्वर न आदम ला गहरी नींद मा डाकिस
जेंधावर आदम न वला देकिस तब वन कहीस , “कम से कम या मोरो वाणी से! यला बायको कहेत, काहेकी या आदमी लक बनीसे
परमेश्वर न नवरा बायको ला आपरो वाणी बनाइस
जब सातवों दिवस आयव तब परमेश्वर जेव काई करत होतो वन वय पूरा कामहिन ला खत्म करिस उत्पत्ति अध्याय 1-2 वरी या एक बाइबल मा की एक कहानी…….
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